RNA Transcription हिन्दी में। RNA प्रतिलेखन या अनुलेखन हिन्दी में

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ट्रांसक्रिप्शन या अनुलेखन

 

डीएनए में मौजूद अनुवांशिक सूचनाओं को आरएनए में कॉपी करने की प्रक्रिया को ही ट्रांसक्रिप्शन कहते हैं।

या आसान भाषा में,

डीएनए से आरएनए बनने की प्रोसेस को ट्रांसक्रिप्शन या प्रतिलेखन कहते हैं।

लैक ओपेरान हिंदी में 

जीन एक्सप्रेशन के  लिए आरएनए (RNA) का बनना ज़रूरी होता है, सभी आर्गेनिस्म या जीवो में ट्रांसक्रिप्शन की प्रक्रिया होती है, चाहे वह प्रोकैरियोटिक सेल हो या यूकैरियोटिक सेल हो।

यहां तक कि वायरस में भी ट्रांसक्रिप्शन की प्रोसेस को होस्ट सेल में करते हैं, चाहे वह आरएनए  वायरस हो या डीएनए (DNA) वायरस हों।

आज की पोस्ट में हम लोग ट्रांसक्रिप्शन की प्रोसेस को समझने का प्रयास करेंगे।

ट्रांसक्रिप्शन या अनुलेखन किसे कहते हैं?

आसान भाषा में डीएनए से आरएनए बनने की प्रोसेस को ट्रांसक्रिप्शन कहा जाता है। किसी भी आर्गेनिस्म में जीन को एक्सप्रेस करने के लिए 3 तरह के आरएनए की जरूरत होती है।

जीन, डीएनए का वह भाग होता है, जो आरएनए की सिंथेसिस करता है।

आरएनए मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं, जिनके नाम हैं-

  • एम-आरएनए- मैसेंजर आरएनए (messenger or m-RNA)
  • टी-आरएनए- ट्रांसफर आरएनए  (transfer or t-RNA))
  • आर-आरएनए- राइबोसोमल आरएनए (ribosomal or r-RNA))

यह तीनों तरह के आरएनए प्रोटीन की सिंथेसिस में भाग लेते हैं, और यही प्रोटीन आगे चलकर फेनोटाइपिक फीचर्स को रेगुलेट करता है।

प्रोटीन अलग-अलग मेटाबॉलिक प्रोसेस में इंवॉल्व होते हैं, यह सीधे-सीधे प्रोटीन के तौर पर भी इस्तेमाल हो सकते हैं, या इनमें मॉडिफिकेशन होने के बाद एंज़ाइम में बदलते हैं, और मेटाबॉलिक रिएक्शन में भाग लेते हैं।

क्योंकि हमारे शरीर में जितने भी मेटाबॉलिक प्रोसेस होती हैं। वह सभी एंज़ाइम कैटालाइज्ड रिएक्शन होती हैं।

RNA transcription in hindi

ट्रांसक्रिप्शन कहां होता है?

प्रोकैरियोटिक में ट्रांसक्रिप्शन की प्रोसेस सेल के साइटोप्लाज्म में होती है क्योंकि प्रोकरयोट्स में न्यूक्लियर मेंब्रेन नहीं पाई जाती है, या पूरी तरह से  वेल डेवलप न्यूक्लियस नहीं होता है।

इसके साथ ही, प्रोकरयोट्स में ट्रांसक्रिप्शन के साथ-साथ ट्रांसलेशन भी शुरू हो जाता है।

वही सारे ही यूकैरियोटिक में पूरी ट्रांसक्रिप्शन की प्रोसेस न्यूक्लियस में होती है, क्योंकि यूकैरियोटिक सेल में वेल डेवलप न्यूक्लियस (Nucleus) पाया जाता है।

आरएनए पालीमिरेज़ एंजा़इम-RNA Polymerase

प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक दोनों ही तरह कि सेल में पालीमिरेज़ एंज़ाइम ट्रांसक्रिप्शन की प्रोसेस को कंप्लीट करता है।

यह एंज़ाइम डीएनए डिपेंडेंट आरएनए पालीमिरेज़ एंज़ाइम है, जो सिंगल स्ट्रैंडेड डीएनए को टेंपलेट (template) के तौर पर यूज़ करता है, और कंप्लीमेंट्री बेस पेयर रूल के हिसाब से ट्रांसक्रिप्शन करता है।

जिससे डीएनए से आरएनए का फॉर्मेशन होता है। प्रोकैरियोटिक सेल में एक ही अकेला आरएनए पालीमिरेज़ एंज़ाइम तरह तीनों तरह के आरएनए की सिंथेसिस करता है।

आरएनए पालीमिरेज़ के 2 भाग होते हैं, पहला सिगमा फैक्टर (sigma factor) और दूसरा कोर पार्टिकल (core particle)।

 सिगमा फैक्टर और कोर पार्टिकल जब आपस में जोड़ते हैं एक कंपलीट या होलो आरएनए पालीमिरेज़ एंज़ाइम फॉर्मेशन करते हैं।

सिगमा फैक्टर डीएनए में प्रमोटर रीजन को ढूंढता है, और ट्रांसक्रिप्शन शुरू करता है।

वही कोर पार्टिकल एलॉन्गेशन की प्रोसेस में आरएनए चेन का एलॉन्गेशन करता है।

अलग-अलग जीन के लिए अलग-अलग प्रमोटर हो सकते हैं, इसलिए अलग-अलग सिगमा फैक्टर भी देखे गए हैं।

जैसे कि- 

यूकैरियोटिक सेल में ट्रांसक्रिप्शन की प्रोसेस थोड़ी ज़्यादा कॉन्प्लेक्स होती है, इसलिए यहां अलग- एंज़ाइम आज भी होते हैं।

जिनको रोमन नम्बर में लिखा जाता है, जैसे कि-

आरएनए पॉलीमरेस फर्स्ट यह आर-आरएनए को ट्रांसक्राइब करता है।

आरएनए पॉलीमरेस यह एचएन-आरएनए या एम-आरएनए को ट्रांसक्राइब करता है।

आरएनए पॉलीमरेस यह टी-आरएनए को ट्रांसक्राइब करता है, इसके अलावा दूसरे प्रकार के आरएनए के ट्रांसक्रिप्शन के लिए भी आरएनए पॉलीमरेस ही यूज़ होता है।

आरएनए का ट्रांसक्रिप्शन भी 5’ से 3’ डायरेक्शन में होता है।

 ट्रांसक्रिप्शन की प्रोसेस-Mechanism of Transcription 

तीन स्टेप्स में पूरी होती है, और हर स्टेप्स में अलग-अलग एंजाइम्स और प्रोसेस चलती है।

process of transcription in hindi

इनीशिएशन-Initiation of RNA

सबसे पहले आरएनए पॉलीमरेस का सिगमा फैक्टर प्रमोटर रीजन को डीएनए में सर्च करता है, और फिर उसके साथ जाकर बाइंड करता है।

इससे डीएनए का प्रमोटर वाला भाग ओपन हो जाता है, और शुरुआती ट्रांसक्रिप्शन पूरा हो जाता है। 

आरएनए चेन एलॉन्गेशन-RNA chain Elongation

शुरुआती आरएनए फॉर्मेशन होने के बाद या ट्रांसक्रिप्शन इनीशिएशन की प्रोसेस होने के बाद आरएनए पॉलीमरेस, का कोर पार्टिकल आकर डीएनए पर जुड़ता है।

कोर पार्टिकल तेज़ी के साथ नए नोट आई ट्राई फास्फेट को 5’ प्राइम से 3’ प्राइम डायरेक्शन में जोड़ना शुरु कर देता है।

जिससे आरएनए की ग्रोथ 5 प्राइम से 3 प्राइम डायरेक्शन में तेज़ी से होने लगती है।

हालांकि जब न्यूक्लियोसाइड ट्राई फास्फेट जुड़ते हैं, तब कोर पार्टिकल सिगमा फैक्टर को हटा देता है।

 कोर पार्टिकल को एलॉन्गेशन फैक्टर भी कहते हैं और कोर पार्टिकल 35 से 40 न्यूक्लियोटाइड/सेकंड की स्पीड से एलॉन्गेशन करता है।

न्यूक्लियोसाइड ट्राई फास्फेट जब आते हैं, तो दो फास्फेट निकल जाता है, और न्यूक्लियोसाइड मोनोफॉस्फेट जुड़ जाते हैं।

दो फास्फेट एनर्जी सोर्स का भी काम करते हैं।

 टर्मिनेशन-RNA Termination

 जब आरएनए चेन या आरएनए का फॉर्मेशन पूरी तरह से हो जाता है, तब रो फैक्टर जो कि एक प्रोटीन होता है, ट्रांसक्रिप्शन की प्रोसेस को स्टॉप कर देता है।

रो फैक्टर (Rho factor), आरएनए पॉलीमरेस के कोर पार्टिकल को डीएनए से अलग कर देता है जिससे आरएनए चेन भी डीएनए से अलग हो जाती है।

इस तरह से ट्रांसक्रिप्शन की प्रोसेस भी कंप्लीट हो जाती है।

कुछ सवाल-Important Questions

ट्रांसक्रिप्शनल यूनिट क्या होती है? 

डीएनए का वह सेगमेंट जिसका ट्रांसक्रिप्शन होने पर डीएनए बनता है, ट्रांसक्रिप्शनल यूनिट कहलाता है।

क्या डीएनए के दोनों स्ट्रैंड का ट्रांसक्रिप्शन होता है?

नहीं, केवल 3’ प्राइम वाले स्ट्रैंड का ट्रांसक्रिप्शन होता है।

आरएनए ट्रांसक्रिप्शन का डायरेक्शन क्या है?

आरएनए ट्रांसक्रिप्शन का डायरेक्शन 5’ प्राइम से 3’ प्राइम डायरेक्शन होता है।

आरएनए पॉलीमरेस क्या है?

आरएनए पॉलीमरेस  एंज़ाइम है, जो डीएनए से आरएनए के फॉर्मेशन में भाग लेता है

डीएनए के दोनों स्ट्रैंड का ट्रांसलेशन क्यों नहीं होता है?

अगर डीएनए का दोनों स्ट्रैंड ट्रांसक्राइब होता है तो आरएनए कंप्लीमेंट्री बेस पेयरिंग करके डबल स्ट्रैंडेड आरएनए का फॉर्मेशन कर देंगे।

जिससे आगे चलकर ट्रांसलेशन की प्रोसेस नहीं होगी। और अगर दोनों आरएनए ट्रांसलेशन करते भी हैं, तब अलग-अलग प्रोटींस का फॉर्मेशन करेंगे। जिससे मेटाबॉलिक प्रोसेस सही तरह से नहीं होगी और डिफरेंट फिनोटाइप दिखाई देंगे।

आरएनए ट्रांसक्रिप्शन की स्पीड क्या होती है?

ट्रांसक्रिप्शन की स्पीड 35 से 40 न्यूक्लियोटाइड/सेकंड की रेट से होती है।

अंत में-Conclusion

किसी भी प्रकार का कोई सुझाव या अपडेट और यदि कोई मिस्टेक आपको दिखाई देती है तो आप हमें ज़रूर बताएं।

हम आपके सुझाव को या किसी मिस्टेक, जोकि पोस्ट में यदि कहीं पर हुई है, तो उसे अपडेट करने की पूरी कोशिश करेंगे।

अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका बहुत धन्यवाद।

आप की ऑनलाइन यात्रा मंगलमय हो।।

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